शब्दार्थ
छा
chhā
hiverb
अर्थ
चारों ओर फैल जाना, घिर जाना या आच्छादित होना।
विस्तार
काव्य में यह क्रिया किसी प्रभाव, घटा अथवा अंधकार के चारों ओर व्यापक रूप से फैलने को दर्शाती है। इस शेर में शायर की आहों की राख और धूल एक बदली की भाँति सब ओर घिरकर छा जाती है। यह संपूर्ण परिवेश को ढक लेने वाली उदासी का बिम्ब है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit 'छादयति' (to cover/shelter) through Prakrit to Hindustani 'छाना'.
प्रयोग
Commonly paired with 'जाना' (छा जाना) to express the sudden or creeping onset of grief, darkness, or divine beauty across a scene.
उदाहरण
शाम होते ही उदासी दिल पे छा गई।
काली घटा बन कर ग़म का साया छा गया।
समानार्थी
घिरफैलव्याप्त
संबंधित शब्द
छानाबदलीघटाग़ुबार
