शब्दार्थ
चर्ख़
charkh
hinoun (masculine)
अर्थ
आसमान, फलक, पहिया अथवा कालचक्र।
विस्तार
'चर्ख़' का शाब्दिक अर्थ पहिया या घूमने वाला चक्र है, जो काव्य में आकाश अथवा कालचक्र का प्रतीक बनता है। यह अक्सर निष्ठुर भाग्य और समय की गर्दिश को दर्शाता है जो आशिक़ पर मुसीबतें ढाती है। प्रस्तुत शेर में 'चर्ख़-ए-कुहन' का तात्पर्य प्राचीन आसमान या सदियों पुरानी नियति से है जिसकी सहनशीलता की परीक्षा हो रही है।
व्युत्पत्ति
Persian (چرخ), cognate with Sanskrit चक्र (chakra).
प्रयोग
In the ghazal tradition, 'charkh' is conventionally personified as a tyrannical celestial power hostile to true love.
उदाहरण
गर्दिश-ए-चर्ख़-ए-कज-रफ़्तार
चर्ख़ का सितम सहना
समानार्थी
आसमानफ़लकगर्दूँ
संबंधित शब्द
चर्ख़-ए-कुहनचर्ख़ागर्दिशदौर
