शब्दार्थ

चढ़ाई

chaṛhā'ī

hiverb

अर्थ

भौंहें तानना या तेवर बदलना; क्रोधित मुद्रा बनाना।

विस्तार

प्रस्तुत शे'र में 'चढ़ाई' का प्रयोग 'तेवरी' के साथ मिलकर माथे पर बल डालने अथवा क्रोध से भौंहें सिकोड़ने के अर्थ में हुआ है। यह माशूक़ की तनिक सी नाराज़गी या तुनकमिज़ाजी को व्यक्त करता है। आशिक़ के अत्यंत कोमल दिल के लिए माशूक़ का यह ज़रा सा तेवर तानना ही प्राणलेवा बन जाता है।

व्युत्पत्ति

Derived from Sanskrit अधिरोहति (adhirohati, 'to ascend, climb'), passing through Prakrit into Hindustani चढ़ना / चढ़ाना.

प्रयोग

In ghazal idiom, it commonly appears in the phrase 'तेवरी चढ़ाना' to denote the beloved's coquettish anger or feigned hostility.

उदाहरण

तेवरी चढ़ाना

भौंहें चढ़ाना

समानार्थी

तानीसिकोड़ीखींची

संबंधित शब्द

तेवरीचढ़ानाचढ़ावनाज़ुक
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