शब्दार्थ

चढ़ा

chadha

hiverb

अर्थ

उभरा, सवार हुआ, या चेहरे पर रौनक का आया।

विस्तार

इस शेर में 'चढ़ा' का प्रयोग 'रंग-रू मुँह चढ़ना' मुहावरे के संदर्भ में हुआ है, जिसका अर्थ चेहरे पर निखार या रौनक का आना है। कवि कहता है कि निरंतर दुख-दर्द के कारण उसके चेहरे पर कभी ताज़गी या रंगत नहीं आई।

व्युत्पत्ति

From Prakrit 'caḍhaï', derived from Sanskrit 'caḍhati' (to ascend, mount, or rise).

प्रयोग

In ghazal poetry, it often functions idiomatically to describe the flush of wine, love, blush, or the pallor of illness rising to the lover's face.

उदाहरण

उसके चेहरे पर ज़र्द रंग चढ़ा।

रुख़सार पर कोई निखार न चढ़ा।

समानार्थी

उभराआयाछायासवार हुआ

संबंधित शब्द

चढ़नाचढ़ावरंग-रू
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