शब्दार्थ
चढ़ी
chaṛhī
hiverb
अर्थ
तनी हुई, खिंची हुई, त्योरी का बल खाना या चढ़ना।
विस्तार
इस शे'र में 'चढ़ी' का प्रयोग 'तेवरी चढ़ना' मुहावरे के रूप में हुआ है, जिसका अर्थ क्रोध से माथे पर बल पड़ना है। यह नक़ाब के भीतर महबूब के तने हुए भवों और नाराज़गी को दर्शाता है। शास्त्रीय शायरी में इसका संदर्भ ऊपर उठने या नशा छाने के लिए भी आता है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit 'caḍh' / Prakrit 'caḍhaï', denoting to mount, rise, or climb.
प्रयोग
In Urdu ghazal, it is frequently paired with 'tevrī' to depict the beloved's captivating yet intimidating anger or haughtiness.
उदाहरण
तेवरी चढ़ी हुई उस की देख कर दिल काँप उठा
नशा-ए-मय की तरह चढ़ी वो बे-ख़ुदी
समानार्थी
तनीखिंचीउभरी
संबंधित शब्द
चढ़नातेवरीचढ़ावचढ़ा
