शब्दार्थ

चढ़

chaṛh

hiverb

अर्थ

ऊपर उठना, उफनना या चढ़ना।

विस्तार

यह शब्द ऊपर उठने, उफान पर आने या बाढ़ की तरह चढ़ने को दर्शाता है। प्रस्तुत शे'र में यह राह न पाने पर नालों के उफन कर चढ़ने के अर्थ में आया है, जो कवि की सृजनात्मक प्रकृति के अवरोध पाकर और वेग से बहने का रूपक है।

व्युत्पत्ति

Derived from Prakrit 'caḍhai' (rises, ascends), tracing to Middle Indo-Aryan roots.

प्रयोग

In ghazal poetry, it often forms compound verbs expressing the rising of floods, passions, or intoxication.

उदाहरण

बरसात में दरिया का पानी चढ़ गया।

जोश में आकर ख़ून सर चढ़ बोलने लगा।

समानार्थी

उमड़उफनउठ

संबंधित शब्द

चढ़नाचढ़ावचढ़ाई
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