शब्दार्थ
चढ़े
chaṛhe
hiverb
अर्थ
सवार होना, ऊपर उठना या सिर पर हावी होना।
विस्तार
इस शेर में यह क्रिया 'सर चढ़ना' मुहावरे के रूप में प्रयुक्त हुई है, जिसका आशय दीवानगी या बला का सिर पर सवार होना है। यह इश्क़ की उस बेपनाह शिद्दत को बयान करती है जो होश-ओ-हवास पर पूरी तरह ग़ालिब आ जाती है। आशिक़ तंज़िया अंदाज़ में कहता है कि जब इश्क़ इस तरह सिर पर आ बैठे, तो कोई और ही इस बला को झेले।
व्युत्पत्ति
Derived from Middle Indo-Aryan/Prakrit *caḍḍhaï, related to Sanskrit root caṭ- or caḍ- (to mount, ascend, rise).
प्रयोग
In classical Urdu poetry, idiomatic uses like 'sar chaṛhnā' frequently denote overweening madness, unmanageable grief, or fatal obsession dominating the lover.
उदाहरण
इश्क़ का नशा जब सर चढ़े तो होश कहाँ रहता है
सौ आफ़तें इस दिल-ए-नादाँ पर आ चढ़ीं
समानार्थी
सवार हुएहावी हुएउभरे
संबंधित शब्द
चढ़नासर-चढ़नाचढ़ाईचढ़ाव
