शब्दार्थ
चाहता
chāhtā
hiverb
अर्थ
इच्छा करता हुआ, तमन्ना रखता हुआ, चाहता हुआ
विस्तार
इस शे'र में 'चाहता' आशिक़ की उस तीव्र अभिलाषा या आरज़ू को दर्शाता है जिसके तहत वह महबूब के ख़त को दोबारा खोलना चाहता है। यह शब्द केवल एक साधारण इच्छा नहीं, बल्कि दिल की गहरी तड़प और दीवानगी को प्रकट करता है। यहाँ यह महबूब की याद में फिर से डूबने के इरादे को बयान करता है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit मूल 'चाह' (इच्छा) से प्राकृत और अपभ्रंश होते हुए हिंदी/उर्दू क्रिया 'चाहना' (वर्तमान कृदंत रूप)।
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, forms of 'chāhnā' are frequently employed to articulate the perennial desires, yearnings, and unfulfilled wishes of the lover.
उदाहरण
चाहता हूँ कि तुझे हाल-ए-दिल सुनाऊँ
दिल चाहता है फिर वही गुज़रा ज़माना देखना
समानार्थी
आरज़ूमंदख़्वाहिशमंदमुश्ताक़तलबगार
संबंधित शब्द
चाहतचाहचाहना
