शब्दार्थ
चुवाने
chuwaane
अर्थ
टपकाने या मरणासन्न के मुँह में बूँद-बूँद पानी डालने हेतु।
विस्तार
'चुवाने' क्रिया 'चुवाना' का सामान्य रूप (मस्दर) है, जिसका अर्थ बूँद-बूँद टपकाना या गिराना होता है। शास्त्रीय परंपरा में 'पानी चुवाना' से आशय मरणासन्न व्यक्ति के मुँह में अंतिम घूँट या बूँदें डालने के कर्म से है। इस शे'र में शायर का आशय यह है कि वक़्त-ए-अख़ीर (अंतिम समय) में बीमार-ए-इश्क़ के सूखे होंठों पर अश्क-भरी आँखों से पानी टपकाने वाला भी कोई नहीं पहुँचा।
व्युत्पत्ति
Derived from Prakrit / Sanskrit 'cyu' (to drop, trickle, fall) via Hindustani 'चूना' (to drip).
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, the idiom 'पानी चुवाना' is conventionally paired with deathbed scenes ('दम-ए-नज़अ') to emphasize complete isolation and tragedy.
उदाहरण
दम-ए-आख़िर लब-ए-तिश्ना पर पानी चुवाने कोई न आया
चश्म-ए-गिर्या से पानी चुवाने की हसरत रही
