शब्दार्थ
चार-सू
chaar-soo
hinoun / adverbial compound
अर्थ
चारों तरफ़, हर दिशा में; चौराहा या बाज़ार।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ 'चारों दिशाएँ' या 'चारों तरफ़' होता है, जिसे बाज़ार या चौराहे के अर्थ में भी प्रयुक्त किया जाता है। प्रस्तुत शेर में 'चार-सू-ए-इश्क़' से आशय प्रेम के बाज़ार या चौराहे से है जहाँ आशिक़ अपनी दूकान समेटने की बात कर रहा है। यह शब्द प्रेम के सार्वजनिक व्यापार और व्यापक प्रभाव दोनों को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Persian: 'chār' (four) + 'sū' (side, direction). In urban Persian, it also meant a crossroad or intersection in a bazaar.
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, it is frequently used either adverbially to mean 'everywhere' or nominally with an izafat to evoke a marketplace.
उदाहरण
दर्द की धुंध फैली थी चार-सू
चार-सू शोर था उस की आमद का
समानार्थी
चारों तरफ़हर-तरफ़चौराहादसों-दिशा
संबंधित शब्द
सूचार-सू-ए-'इश्क़हर-सूयक-सू
