शब्दार्थ
चीरूँ
chīrūñ
hiverb
अर्थ
चीरता हूँ, काटता हूँ, फाड़ता हूँ।
विस्तार
यह क्रिया 'चीरना' का उत्तम पुरुष वर्तमान रूप है, जिसका अर्थ 'चीरता हूँ' है। इस शेर में यह अपने ही ज़ख़्मों को काटकर देखने के संदर्भ में आया है, जिससे सितम के तीर के फल (पैकान) बरामद होते हैं। यह आशिक़ के जिगर और सीने पर लगे गहरे ज़ख़्मों की पड़ताल को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit चीरयति (cīrayati, 'tears/splits') through Prakrit into Hindustani चीरना (chīrnā).
प्रयोग
Commonly paired in the ghazal with archaic 'हूँ' (चीरूँ हूँ) to describe tearing one's collar or dissecting festering wounds of love.
उदाहरण
जिस ज़ख़्म-ए-जिगर को चीरूँ
सीने को अगर चीरूँ तो दर्द दिखे
समानार्थी
काटूँफाड़ूँचाक करूँ
संबंधित शब्द
चीरनाचाकज़ख़्मपैकान
