शब्दार्थ
चूर
choor
hiadjective
अर्थ
टुकड़े-टुकड़े, टूटा हुआ या चकनाचूर।
विस्तार
काव्य में 'चूर' का अर्थ टुकड़े-टुकड़े होना, बिखर जाना अथवा चकनाचूर होना है। प्रस्तुत शे'र में दिल को नाज़ुक शीशे के समान बताते हुए कहा गया है कि गिरने पर वह टूटकर चूर हो जाएगा। यह शब्द अत्यधिक थकान या विरह में टूट जाने की अवस्था को भी दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit चूर्ण (cūrṇa, powdered/crushed), through Prakrit into Hindustani.
प्रयोग
In ghazal poetry, it frequently pairs with glass, mirror, or the heart to evoke fragility and irrevocable heartbreak.
उदाहरण
शीशे की तरह चूर होना
ग़म से दिल चूर-चूर होना
समानार्थी
टूटापारा-पाराशिकस्तारेज़ा-रेज़ा
संबंधित शब्द
चकनाचूरचूर-चूरचूर्ण
