शब्दार्थ

चारों

chāroñ

hinumeral

अर्थ

चारों के चारों; सभी चार (यहाँ चार तत्व)।

विस्तार

शास्त्रीय काव्य में 'चारों' का प्रयोग 'सभी चार' के सामूहिक और बलप्रदायक अर्थ में होता है। इस शे'र में यह शब्द चार मूलभूत तत्वों (अनासिर-ए-अर्बा: आग, पानी, हवा और मिट्टी) की ओर संकेत करता है। कवि इन चारों तत्वों के आपसी मेल और उनकी लीलाओं से प्रकट होने वाले चमत्कारों पर विस्मय व्यक्त कर रहा है।

व्युत्पत्ति

Derived from Sanskrit 'चत्वारः' (catvāraḥ) through Prakrit 'चत्तारि' (cattāri) into Hindustani 'चार' (chār), combined with the oblique/collective plural suffix '-on'.

प्रयोग

In classical Urdu ghazal, 'chāroñ' frequently serves as a metonym for the four primary cosmological elements (anāsir-e arba'a) or the four directions (chāroñ samt).

उदाहरण

चारों तरफ़ फ़ज़ा में बस इक उदासी है

अनासिर के ये चारों रंग अजब तमाशा हैं

समानार्थी

समस्त चारचारहुसब चार

संबंधित शब्द

चारअनासिरचौथाचौतरफ़ा
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