शब्दार्थ

चुभो

chubho

hiverb

अर्थ

चुभाना, भोंकना या धँसाना (आज्ञार्थक रूप)।

विस्तार

यह सकर्मक क्रिया 'चुभोना' का आज्ञार्थक रूप है, जिसका अर्थ किसी नुकीली वस्तु को धँसाना या भोंकना है। प्रस्तुत शे'र में आशिक़ अपने दिल में छुरी चुभोने का आह्वान करता है यदि उसकी पलकें ख़ून के आँसू न बहा रही हों। यह शब्द इश्क़ में आत्मोत्सर्ग, विरह और गहरे घावों की शास्त्रीय अभिव्यक्ति को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

Derived from Old Indo-Aryan / Sanskrit roots related to piercing or agitation (akin to Prakrit chubh- / Sanskrit kshubh-).

प्रयोग

In Urdu ghazal poetry, it is frequently employed in depictions of the beloved's cruel glances, daggers, or the thorns of the desert of longing.

उदाहरण

दिल के छाले पे कोई ख़ार चुभो मत ऐ दोस्त।

याद का तीर कलेजे में चुभो देता है।

समानार्थी

भोंकोधँसाओपिरोओ

संबंधित शब्द

चुभनछुरीख़ंजरज़ख़्म
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