शब्दार्थ
चाटे
chāṭe
hiverb
अर्थ
जीभ फेरता है; होंठ चाटता या चूसता है।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'चाटे है' पुरानी क्रिया पद्धति है जो आधुनिक 'चाटता है' या 'चाट रहा है' के अर्थ में प्रयुक्त हुई है। इस शेर में यह महबूब के अपने होंठों को ज़बान से तर करने की दिलकश अदा को दर्शाता है। यह अदा आशिक़ को रिझाने और लुभाने का काम करती है।
व्युत्पत्ति
Derived from Prakrit 'caṭṭaï', tracing back to the Indo-Aryan root shared with Sanskrit 'caṭ' (to lick, sip).
प्रयोग
Commonly used in classical Rekhta to describe intimate, seductive gestures involving the lips or mouth.
उदाहरण
होंट चाटे है वो नज़ाकत से
तिश्नगी में लब को चाटते रहना
समानार्थी
ज़बान फेरनालेहन करना
संबंधित शब्द
चाटनाहोंठलबज़बान
