शब्दार्थ
चोट
chot
hinoun
अर्थ
आघात, ज़ख़्म या दिल का सदमा।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'चोट' का आशय किसी ज़ख़्म, आघात या दिल के गहरे सदमे से होता है। इस शे'र में यह महबूब के बर्ताव या हिज्र से दिल पर लगे उस भावनात्मक घाव को दर्शाता है जिसने आशिक़ को जानलेवा तड़प में डाल दिया है। यह शब्द अक्सर 'चोट खाना' या 'चोट लगना' जैसे मुहावरों के रूप में प्रयुक्त होता है।
व्युत्पत्ति
From Prakrit *coṭṭa- (strike, blow), belonging to the Indo-Aryan linguistic family.
प्रयोग
In the ghazal, it is traditionally applied to the unseen, agonizing wounds inflicted on the lover's heart by the beloved's gaze or indifference.
उदाहरण
दिल पे इक गहरी चोट खाई है
निगाह-ए-यार की चोट
समानार्थी
ज़ख़्मघावसदमाज़रब
संबंधित शब्द
चोट खानादिलकोफ़्तमजरूह
