शब्दार्थ
घबरा
ghabra
hiverb
अर्थ
व्याकुल, परेशान या विचलित होना।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में 'घबरा' का प्रयोग मानसिक व्यथा, बेचैनी या निरंतर आघातों से उत्पन्न व्याकुलता के लिए होता है। प्रस्तुत शेर में यह मानवीय हृदय की संवेदनशीलता को दर्शाता है, जो गर्दिश-ए-मुदाम (निरंतर दुखों के फेर) से टूटकर विचलित हो उठता है।
व्युत्पत्ति
Derived from Hindi/Hindustani root ghabrānā (with likely Indo-Aryan onomatopoeic/expressive origins of agitation and bewilderment).
प्रयोग
Frequently combined with auxiliary verbs like 'जाना' (घबरा जाना) in ghazals to signify the human heart succumbing to grief or existential despair.
उदाहरण
शब-ए-फ़ुर्क़त की तन्हाई से दिल घबरा गया
गर्दिश-ए-दौराँ से ऐ दिल कभी न घबरा
समानार्थी
व्याकुलपरेशानमुज़्तरिबबेचैन
संबंधित शब्द
घबराहटइज़्तिराबबेक़रारीपरेशानी
