शब्दार्थ
घिसने
ghisne
hiverbal noun / infinitive (obli
अर्थ
रगड़ खाने, घिस जाने या क्षय होने की क्रिया।
विस्तार
उर्दू शायरी में यह शब्द निरंतर रगड़, क्षरण या अत्यधिक प्रयास के कारण घिसकर समाप्त होने के भाव को व्यक्त करता है। ग़ालिब के इस शेर में इसका प्रयोग यह दर्शाने के लिए हुआ है कि उलझन की गाँठ (उक़्दा) सहजता से खुलने के बजाय बार-बार के घर्षण और प्रयास से घिसकर ही मिट गई। यह प्रयास की व्यर्थता और अंततः होने वाले विनाश को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit घृष् (ghṛṣ - to rub, grind, polish), evolving through Prakrit into Hindustani گھسنا (ghisnā).
प्रयोग
Often employed in ghazals to evoke the gradual, agonizing erosion of patience, youth, or physical existence under relentless emotional torment.
उदाहरण
घिसने में ज़िंदगी गुज़र जाना
रगड़ कर घिसने का दर्द
समानार्थी
रगड़मिटनाछिलना
संबंधित शब्द
घिसावघिसाईउक़्दा
