शब्दार्थ
गरचे
garche
hiconjunction
अर्थ
यद्यपि, हालांकि, भले ही।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू काव्य में 'गरचे' एक योजक अव्यय है जिसका अर्थ 'यद्यपि' या 'हालांकि' होता है, जो 'अगरचे' का ही संकुचित रूप है। इस शे'र में यह पूर्णमासी के चाँद की सुंदरता को स्वीकार करते हुए महबूब के चेहरे को उससे कहीं श्रेष्ठ ठहराने के लिए प्रयुक्त हुआ है। यह शे'र में एक विरोधाभास और तुलनात्मक श्रेष्ठता स्थापित करता है।
व्युत्पत्ति
Persian (contraction of 'agar' [if] + 'che' [what/thing]).
प्रयोग
Widely employed in classical ghazals to concede a premise in the first misra before dramatically pivoting or surpassing it in the second.
उदाहरण
गरचे वो ख़फ़ा हैं, मगर दिल से जुदा नहीं।
गरचे मुफ़लिस हूँ, मगर गैरत-ए-इश्क़ रखता हूँ।
समानार्थी
अगरचेहालाँकियद्यपि
संबंधित शब्द
अगरचेहर-चंदगोगर
