शब्दार्थ

गर्म-नाला-हा

garm-naala-haa

hinoun (compound)

अर्थ

सुलगती हुई चीख़ें या विरह भरी गर्म आहें।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू शायरी में यह शब्द विरह की आग से जलती हुई आहों और विलाप के लिए प्रयुक्त होता है। प्रस्तुत शेर में शायर की साँसों से निकलने वाली फ़रियाद चिनगारियों जैसी गर्म है, जो चिराग़ाँ का दृश्य रचती है। यह प्रेम की तीव्र तड़प और आंतरिक दाह को अभिव्यक्त करता है।

व्युत्पत्ति

Persian: 'garm' (hot/fiery) + 'nālah' (cry/lamentation) + '-hā' (Persian plural suffix).

प्रयोग

Commonly employed in the Urdu ghazal tradition to evoke the physical sensation of heat and flame bursting from the lover's sighs.

उदाहरण

गर्म-नाला-हा से शब भर फ़लक सुलगता रहा।

उसके गर्म-नाले दिल के जलने का सुबूत हैं।

समानार्थी

नाला-हा-ए-सोज़ाँआतिशीं-आहेंफ़रियाद-ए-सोज़नाक

संबंधित शब्द

नालाशरर-बारआह-ए-सोज़ाँसोज़-ए-दिल
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