शब्दार्थ
गर्दन-कशी
gardan-kashī
hinoun, feminine
अर्थ
अहंकार, अकड़, सरकशी या हठधर्मिता।
विस्तार
शाब्दिक अर्थ गर्दन तानना या उठाना है, जिससे मुराद घमंड, सरकशी या अकड़ है। इस शे'र में बगूले की तरह अकड़ कर खड़े रहने के व्यर्थ अभिमान की ओर संकेत किया गया है, जिसके बरक्स विनम्रता को बेहतर बताया गया है।
व्युत्पत्ति
Persian compound (gardan 'neck' + kashī 'drawing/raising').
प्रयोग
In classical ghazal, it often symbolizes worldly pride or rebellion, frequently contrasted with the virtue of bowing one's head in humility.
उदाहरण
गर्दन-कशी से कुछ नहीं हासिल जहाँ में
छोड़ गर्दन-कशी को और ख़ाकसार बन
समानार्थी
सरकशीतकब्बुरअकड़ग़ुरूर
संबंधित शब्द
गर्दन-कशसर-कशख़ाकसारीइन्किसारी
