शब्दार्थ
गर्दुं
gardūñ
hinoun
अर्थ
आसमान, आकाश, फ़लक या तक़दीर का चर्ख़।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में 'गर्दुं' (गर्दूँ) का तात्पर्य घूमने वाले आकाश, फ़लक या नियति के पहिए से है। प्रस्तुत शे'र में यह शब्द आसमान के अर्थ में आया है, जिस पर रात ढलते ही बनात-उन-नाश (सप्तर्षि) के सितारे दिन के पर्दे से निकलकर बेहिजाब चमकने लगते हैं। यह शब्द ब्रह्मांडीय विस्तार और तारों की रंगभूमि को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Persian گردون (gardūn), from the verb گردیدن (gardīdan, 'to revolve, turn'); literally 'that which rotates' (the celestial dome).
प्रयोग
In the Urdu ghazal, gardūn is frequently personified as the fickle, revolving wheel of destiny that inflicts misfortune on lovers, as well as the sublime expanse of the night sky.
उदाहरण
सितम-ए-गर्दुं का मारा हुआ
सर ब-गर्दुं खींचे हुए अफ़्लाक
समानार्थी
आसमानफ़लकचर्ख़सिपहर
संबंधित शब्द
गर्दिशगर्दाबगर्दूं-जनाब
