शब्दार्थ
गौहर-फ़रोश
gauhar-farosh
hinoun
अर्थ
मोती या रत्न बेचने वाला; जौहरी।
विस्तार
यह सामासिक पद मोती अथवा बहुमूल्य रत्न बेचने वाले जौहरी को संदर्भित करता है। प्रस्तुत शे'र में इसका तात्पर्य उस सौभाग्यशाली विक्रेता से है, जिसके बेचे गए मोती महबूब के गले का हार बने हैं और उसका भाग्य चमक उठा है। शायरी में यह अक्सर अपनी अनमोल कृति को सही कद्रदान मिलने की स्थिति को भी दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Persian: 'gauhar' (pearl/gem) + 'farosh' (agentive suffix from 'faroḵhtan', to sell).
प्रयोग
In classical ghazal, the figure of the pearl-seller is frequently used as an allegory for the poet offering verses of profound beauty.
उदाहरण
बाज़ार का वह ख़ुश-नसीब गौहर-फ़रोश
हुस्न की महफ़िल में गौहर-फ़रोश का सितारा चमका
समानार्थी
जौहरीमोती-फ़रोशदामन-ए-गौहर
संबंधित शब्द
गौहरफ़रोख़्तअक़्दऔज
