शब्दार्थ

गुस्ताख़ी

gustākhī

hinoun

अर्थ

धृष्टता, बेअदबी, ढिठाई या अशिष्ट व्यवहार।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'गुस्ताख़ी' का तात्पर्य मर्यादा का उल्लंघन, ढिठाई या बेअदबी से है। इस शे'र में यह रक़ीब (ग़ैर) के उस साहसिक और अनुचित आचरण को दर्शाता है जिसे माशूक़ अपनी अत्यधिक लज्जा के कारण रोक नहीं पाती। यह शब्द अदब की सीमाओं से परे जाने वाली शोख़ी या धृष्टता दोनों संदर्भों में आता है।

व्युत्पत्ति

Persian 'gustāxī', from 'gustāx' (insolent, impudent) suffixed with the abstract nominal marker '-ī'.

प्रयोग

In ghazal aesthetics, 'gustakhi' often describes daring advances by a lover or rival that challenge the beloved's reserve.

उदाहरण

माफ़ करना मेरी गुस्ताख़ी को

रक़ीब की हर गुस्ताख़ी हद से बढ़ गई

समानार्थी

बेअदबीधृष्टताढिठाईजुर्रत

संबंधित शब्द

गुस्ताख़गुस्ताख़ानाबे-अदबशोख़ी
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