शब्दार्थ

गोश

gosh

hinoun

अर्थ

कान; ध्यान या तवज्जो।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू और फ़ारसी काव्य में 'गोश' का शाब्दिक अर्थ कान होता है तथा लाक्षणिक रूप से यह ध्यान देने या सुनने के अर्थ में आता है। प्रस्तुत शेर में 'न रखो गोश' का आशय दुनिया के क़िस्से-कहानियों पर कान न धरने या तवज्जो न देने से है।

व्युत्पत्ति

Persian 'گوش' (ear), related to Old Persian and cognate with Avestan 'gaoša'.

प्रयोग

Commonly occurs in ghazals in the compound 'gosh-e-hosh' (ear of consciousness) or in verb phrases like 'gosh dharna' and 'gosh rakhna' meaning to listen carefully.

उदाहरण

गोश-ए-होश से सुनो यह बात

न रखो गोश इन फ़सानों पर

समानार्थी

कानसमाअततवज्जो

संबंधित शब्द

गोश-ए-होशगोशागोश-नशीनगोशज़द
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