शब्दार्थ

ग़लत-फ़हमी

ghalat-fehmī

hinoun

अर्थ

ग़लत समझना, भ्रम, भ्रांति या किसी बात की भूल।

विस्तार

यह शब्द किसी बात को ग़लत समझ लेने, भ्रम या भ्रांति की अवस्था को दर्शाता है। प्रस्तुत शे'र में ग़ालिब ने इसे ग़लत समझ के पागलपन ('सौदा-ए-ग़लत-फ़हमी') के रूप में बाँधा है, जहाँ धुएँ का उठना महज़ एक वहम था जबकि असली दर्द राख में छुपी आग की ख़ामोशी है।

व्युत्पत्ति

Arabic 'ghalat' (غلط, mistake/error) + Arabic 'fahm' (فہم, understanding/comprehension) combined with the Persian noun-forming suffix '-ī' (ی).

प्रयोग

Frequently used in the ghazal tradition to describe the deceptive nature of sensory appearances or the estrangement between lover and beloved.

उदाहरण

ग़लत-फ़हमी ने दो दिलों में दूरियाँ पैदा कर दीं।

यह महज़ तेरी निगाहों की ग़लत-फ़हमी थी।

समानार्थी

मुग़ालताभ्रमकज-फ़हमीबद-गुमानी

संबंधित शब्द

फ़हमग़लतकज-फ़हमीख़याल
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