शब्दार्थ
ग़लत-आहंग
ghalat-aahang
hiadjective
अर्थ
बेसुरा, बेताल या बिगड़ी हुई लय वाला।
विस्तार
इसका शाब्दिक अर्थ है अशुद्ध सुर या बिगड़ी हुई लय वाला। इस शे'र में यह दर्शाता है कि कभी-कभी ग़ैबी आवाज़ या दिव्य प्रेरणा (सरोश) भी बेसुरी हो सकती है, इसलिए साज़िंदे को सदैव सजग रहना चाहिए। यह कला या जीवन में होने वाली अनपेक्षित त्रुटियों का भी प्रतीक है।
व्युत्पत्ति
Compound of Arabic 'غلط' (ghalat, error/fault) and Persian 'آہنگ' (āhang, tune/harmony/melody).
प्रयोग
In classical ghazal poetry, it is used as a musical metaphor to capture disharmony, poetic flaw, or a lapse in divine inspiration.
उदाहरण
साज़ से निकलती ग़लत-आहंग सदा
मुतरिब का ग़लत-आहंग नग़्मा
समानार्थी
बे-सुरबद-आहंगबे-तालना-मौज़ूँ
संबंधित शब्द
आहंगसाज़सरोशनग़्मा
