शब्दार्थ
गुल-रू
gul-rū
hiadjective
अर्थ
गुलाब जैसे सुंदर मुखड़े वाला; प्रियतमा।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'गुल-रू' का अर्थ गुलाब के समान सुंदर और कोमल मुखड़े वाले माशूक़ से है। इस शे'र में यह शब्द उस प्रियतमा के लिए आया है जिसकी बेरुखी और ठंडे व्यवहार ('सर्द-मेहरी') के कारण बहार के बादल को भी ठंड से बचने के लिए शॉल ओढ़नी पड़ गई। यह शब्द सौंदर्य और निष्ठुरता के विरोधाभास को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'gul' (rose/flower) and 'rū' (face/complexion).
प्रयोग
Commonly employed in the ghazal as an idealized poetic epithet celebrating the radiant, blooming visage of the beloved.
उदाहरण
उस गुल-रू के दीदार से चमन महक उठा
हर नज़र उस गुल-रू के जलवे तलाश करती रही
समानार्थी
गुल-रुख़गुल-चेहरागुल-अंदाममह-रू
संबंधित शब्द
गुल-बदनगुल-रुख़सर्द-मेहरीअब्र-ए-बहार
