शब्दार्थ

गुल-फ़रोश

gul-farosh

hinoun

अर्थ

फूल बेचने वाला, माली; (लाक्षणिक) ज़ख़्म दिखाने वाला।

विस्तार

शाब्दिक अर्थ में 'गुल-फ़रोश' का मतलब फूल बेचने वाला या माली होता है। उर्दू शायरी की परंपरा में दिल के घावों और दाग़ों की तुलना खिले हुए लाल फूलों से की जाती है, अतः यहाँ इसका अर्थ अपने घावों की नुमाइश करने वाले से है। ग़ालिब के इस शेर में शायर मुफ़्लिसों की तरह अपने पुराने दाग़ों की चमक-दमक बेचता हुआ यानी उस पर इतराता हुआ नज़र आता है।

व्युत्पत्ति

Persian compound: 'gul' (flower, rose) + 'farosh' (seller/vendor, from 'farukhtan', to sell).

प्रयोग

Commonly used in Persian and Urdu poetry both literally for a florist and figuratively for a lover proudly exhibiting the bloom of love's wounds.

उदाहरण

कूचा-ए-यार में हर सिम्त गुल-फ़रोश खड़े हैं।

हम अपने दाग़-ए-जिगर के गुल-फ़रोश बने फिरते हैं।

समानार्थी

गुलकारमालीगुल-चीं

संबंधित शब्द

गुल-फ़रोशीगुलशनगुलज़ारफ़रोख़्त
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