शब्दार्थ

गुलो-फ़ुग़ाँ

gulō-fuġāñ

hinoun

अर्थ

गला और विलाप; चीख़-ओ-पुकार से फटा हुआ गला।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में यह शब्द 'गुलू' (गला/कंठ) और 'फ़ुग़ाँ' (विलाप/आह) के मेल से बनता है। इस शेर में इसका आशय अत्यधिक चीख़-पुकार से गले के छिल जाने या फटने से है। यह ज़ाहिरी फ़रियाद और दिल से निकली मद्धम आह के प्रभाव का फ़र्क़ दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

Persian: 'gulū' (throat, neck) + conjunctive 'o' / juxtaposition + 'fuġān' (clamour, lamentation).

प्रयोग

Commonly employed in Urdu elegiac and ghazal poetry to express the physical agony and bodily toll of unrelenting mourning.

उदाहरण

पारा है गुलो-फ़ुग़ाँ दर्द के असर से

बस्ता-ए-ज़ंजीर-ए-ग़म था गुलो-फ़ुग़ाँ मेरा

समानार्थी

नाला-ओ-फ़ुग़ाँचीख़-ओ-पुकारगुलू-ए-ख़ूँ-गश्ता

संबंधित शब्द

नाला-ओ-शेवनसीना-फ़िगारआह-ओ-ज़ारी
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