शब्दार्थ
गुल-गश्त
gul-gasht
hinoun
अर्थ
फूलों के बाग़ की सैर या टहलना।
विस्तार
फारसी शब्दों 'गुल' (फूल) और 'गश्त' (घूमना-फिरना) से बना यह पद चमन की सैर को दर्शाता है। प्रस्तुत शे'र में यह शब्द सांसारिक जीवन और उसके अनुभवों का प्रतीक बनकर आया है, जहाँ शायर आगाह करता है कि इस दुनिया की सैर केवल सतही तमाशा नहीं बल्कि आत्मज्ञान व गंभीरता की माँग करती है।
व्युत्पत्ति
Persian compound: 'gul' (flower, rose) + 'gasht' (stroll, walk; verbal noun from 'gashtan', to turn/wander).
प्रयोग
In classical Urdu poetry, it frequently symbolizes either the joyous recreation of youth or the brief, cautionary passage of man through the garden of existence.
उदाहरण
गुल-गश्त को निकले थे मगर याद-ए-यार आ गई।
मौसम-ए-गुल में भी दिल को गुल-गश्त गवारा न हुआ।
समानार्थी
सैर-ए-चमनसैर-ए-बाग़गुल-सैर
संबंधित शब्द
गुलगश्तगुलिस्ताँबुलबुल
