शब्दार्थ
ग़ुल
ghul
hinoun
अर्थ
शोर, हंगामा, पुकार या बेड़ियों की आवाज़।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'ग़ुल' का प्रयोग शोर, कोलाहल या खड़खड़ाहट के अर्थ में होता है। इस शे'र में इससे मुराद दीवानगी की हालत में पाँव की ज़ंजीरों से उठने वाला शोर और झंकार है। यह दर्शाता है कि जुनून की राह में आशिक़ का एकमात्र तवस्सुल उसकी अपनी बेड़ियों की गूँज थी।
व्युत्पत्ति
Persian (borrowed into Urdu), denoting noise, uproar, or tumult.
प्रयोग
In the ghazal tradition, 'ghul' often contrasts the loud commotion of the world or of chains with the silent inner agony of the lover.
उदाहरण
ग़ुल-ए-ज़ंजीर-ए-ज़िंदॉँ
बज़्म में ग़ुल बरपा होना
समानार्थी
शोरकोलाहलग़ौग़ाहंगामा
संबंधित शब्द
ज़ंजीरजुनूँहंगामा
