शब्दार्थ
ग़ारत-गर
ghārat-gar
hinoun / adjective
अर्थ
लूटने वाला; तबाह या बर्बाद करने वाला
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'ग़ारत-गर' का अर्थ लूटने वाला, तबाह करने वाला या सर्वनाशक होता है। इस शे'र में धन की हवस (हवस-ए-ज़र) को आबरू व मर्यादा को लूटने वाला (ग़ारत-गर-ए-नामूस) कहा गया है। कवि कहता है कि लालच ही सम्मान को नष्ट करके सुंदर फूल रूपी प्रेमिका को बाज़ार में ले आता है।
व्युत्पत्ति
Arabic 'ghārat' (raid, pillage) + Persian suffix '-gar' (doer, maker).
प्रयोग
In ghazal poetry, 'ghārat-gar' frequently appears in izafat constructions to characterize passions, time, or the beloved's glance as plunderers of heart, faith, or honor.
उदाहरण
ग़ारत-गर-ए-सब्र-ओ-क़रार
ग़ारत-गर-ए-दीन-ओ-ईमान
समानार्थी
लुटेराबर्बाद-कुनतबाह-कार
संबंधित शब्द
ग़ारतग़ारत-गरीलुटेरा
