शब्दार्थ

ग़ैरत

ghairat

hinoun

अर्थ

आत्म-सम्मान, आन, लज्जा या स्वाभिमान।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'ग़ैरत' का अर्थ आत्म-सम्मान, स्वाभिमान या लज्जा है जो किसी भी अपमान को सहन नहीं होने देती। प्रस्तुत शे'र में 'ग़ैरत-ए-इश्क़' से आशय प्रेम की उस आन और संवेदनशीलता से है, जो हिज्र और बदगुमानी में आशिक़ को तड़पाती है पर झुकने नहीं देती। यह आशिक़ के वजूद का वह मान है जो बेअदबी बर्दाश्त नहीं करता।

व्युत्पत्ति

Arabic (غَيْرَة, ghayrah), meaning zeal, protective jealousy, or sense of honor.

प्रयोग

In ghazal tradition, it frequently embodies the paradoxical tension between absolute surrender in love and the lover's uncompromising personal dignity.

उदाहरण

ग़ैरत-ए-इश्क़ ने सर झुकने न दिया।

मेरी ग़ैरत को ये मंज़ूर न था।

समानार्थी

हमीयतख़ुद्दारीआनशर्म

संबंधित शब्द

बा-ग़ैरतबे-ग़ैरतग़ैरत-मंद
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