शब्दार्थ

ग़ुरूर-ज़ब्त

ghuroor-e-zabt

hinoun

अर्थ

सहनशीलता या आत्मनियंत्रण पर किया जाने वाला घमंड।

विस्तार

यह शब्द अपने दर्द और जज़्बात को ज़ब्त करने यानी छुपाकर सहने के घमंड को दर्शाता है। प्रस्तुत शे'र में शायर का यह आत्मनियंत्रण और सब्र का अभिमान मौत के समय की बेक़रारी के सामने टूट जाता है।

व्युत्पत्ति

Arabic: ghurūr (pride/vanity) + zabt (control/restraint), joined through Persian izafat.

प्रयोग

Used in the ghazal tradition to evoke the tragic collapse of the stoic lover's long-maintained emotional facade.

उदाहरण

ग़ुरूर-ए-ज़ब्त ने आख़िरकार अश्कों को रास्ता दे दिया।

वक़्त-ए-आख़िर उनका ग़ुरूर-ए-ज़ब्त भी टूट कर बिखर गया।

समानार्थी

नाज़-ए-सब्रफ़ख़्र-ए-तहम्मुल

संबंधित शब्द

ज़ब्तग़ुरूरसब्रशकेब
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