शब्दार्थ
ग़र्रा
gharra
hinoun
अर्थ
घमंड, गर्व, अभिमान या झूठी शान।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'ग़र्रा' का आशय सांसारिक बुलंदी और क्षणिक वैभव पर किए जाने वाले घमंड या भ्रम से है। प्रस्तुत शे'र में शायर संसार की बुलंदी पर इतराने से मना करता है, क्योंकि ऊँचाई के मुक़द्दर में एक दिन पस्ती यानी गिरावट ही लिखी है।
व्युत्पत्ति
Arabic origin from the root 'gh-r-r' (غِرّة / غَرّ), denoting deception, negligence, delusion, or vanity.
प्रयोग
Frequently invoked in didactic and philosophical ghazal verses to admonish against hubris born of beauty, power, or prosperity.
उदाहरण
दौलत-ओ-जाह का ग़र्रा न कर ऐ बे-ख़बर
ग़र्रा-ए-हुस्न में वो हमको भुला बैठे हैं
समानार्थी
ग़ुरूरनाज़तकब्बुरघमंड
संबंधित शब्द
औजबुलंदीपस्तीआलम-ए-इमकाँ
