शब्दार्थ

ग़िर्बाल

ghirbāl

hinoun

अर्थ

छलनी, चलनी या छन्नी।

विस्तार

शाब्दिक अर्थ छलनी या छन्नी है, जिसका प्रयोग किसी वस्तु के तीरों या ज़ख़्मों से पूरी तरह छेद दिए जाने को दर्शाने के लिए होता है। प्रस्तुत शेर में शायर ने महबूब के 'तीर-ए-निगाह' की कसरत से बिंधकर छलनी हुई आँख की पलक को हसरत छानने वाली छलनी (ग़िर्बाल-ए-हसरत-बेज़) कहा है। यह रूपक ज़ख़्मी दिल और विरह की इंतहा को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

Arabic (غربال, ghirbāl), borrowed into Persian and Urdu.

प्रयोग

In classical Urdu and Persian ghazals, it is predominantly used in imagery of the chest, heart, or eyelid being pierced repeatedly by arrows of glance or love.

उदाहरण

ज़ख़्मों से हुआ सीना ग़िर्बाल

ग़िर्बाल-ए-मिज़्गाँ से अश्क टपके

समानार्थी

छलनीचलनीछन्नी

संबंधित शब्द

ग़िर्बाल-बेज़हसरत-बेज़ग़लबाल
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