शब्दार्थ

ग़रीब-नवाज़

ġharīb-navāz

hiadjective

अर्थ

ग़रीबों पर दया करने वाला, दीनबंधु, कृपालु।

विस्तार

यह अरबी और फ़ारसी शब्दों से मिलकर बना एक विशेषण है जिसका अर्थ है निर्धनों और दुखियों पर कृपा करने वाला। शास्त्रीय शायरी में यह शब्द महबूब, आश्रयदाता या ईश्वर के लिए सम्मानजनक संबोधन के रूप में प्रयुक्त होता है। प्रस्तुत शेर में आशिक़ अपनी हीन अवस्था (ग़रीब) और महबूब की उदारता (ग़रीब-नवाज़) के स्वाभाविक संबंध को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

Compound of Arabic 'ġharīb' (poor, humble, stranger) and Persian 'navāz' (one who cherishes or caresses, from the verb navākhtan).

प्रयोग

Commonly used in ghazal as an honorific address that highlights the contrast between the lover's humility and the beloved's noble benevolence.

उदाहरण

तुम ग़रीब-नवाज़ हो और मैं सूरत-ए-इल्तिजा

करम की इक नज़र ऐ ग़रीब-नवाज़

समानार्थी

ग़रीब-परवरबंदा-परवरदीनबंधुकृपालु

संबंधित शब्द

ग़रीबीनवाज़िशनवाज़नाग़ुरबत
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