शब्दार्थ
ग़रीबी
gharībī
hinoun
अर्थ
निर्धनता, मुफ़लिसी, लाचारी या बेकसी की हालत।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'ग़रीबी' मात्र आर्थिक निर्धनता ही नहीं, बल्कि बेकसी, तिरस्कार और सामाजिक उपेक्षा का भी प्रतीक है। प्रस्तुत शे'र में यह आशिक़ की दयनीय और उपेक्षित स्थिति को दर्शाती है, जहाँ महफ़िल उठ जाने के बाद ही उसकी बारी आती है। यह समाज द्वारा उपहास का विषय बनी बेबसी को प्रकट करती है।
व्युत्पत्ति
Arabic root 'gharīb' (غریب, meaning strange, alienated, or poor) + Persian suffix '-ī' (ی).
प्रयोग
Commonly invoked in ghazal poetry to underscore the lover's disenfranchisement, humility, and the world's callous indifference.
उदाहरण
मेरी ग़रीबी का तमाशा न बनाओ।
ग़रीबी में भी उसने अपनी ख़ुद्दारी न छोड़ी।
समानार्थी
मुफ़लिसीतंगदस्तीनादारीबेकसी
संबंधित शब्द
ग़रीबग़ुर्बतमुफ़लिस
