शब्दार्थ
ग़रीब
gharīb
hinoun / adjective
अर्थ
दीन, असहाय, बेचारा, या परदेसी।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'ग़रीब' का अर्थ केवल निर्धन नहीं, बल्कि अत्यंत विवश, लाचार, बेचारा और परदेसी होता है। इस शे'र में यह शब्द ज़ुल्म के सताए हुए असहाय और दीन व्यक्ति के लिए प्रयुक्त हुआ है। यह बेबसी और निरंतर दुख झेलने वाले की दयनीय अवस्था को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic root gh-r-b (غ-ر-ب), originally referring to being a stranger, alien, or going away into exile.
प्रयोग
In ghazal tradition, 'gharib' often modifies the heart ('dil-e-gharib') to evoke pathetic helplessness and melancholy alienation in love.
उदाहरण
दिल-ए-ग़रीब की हालत बयाँ नहीं होती
इक ग़रीब-उल-वतन की दास्ताँ-ए-अलम
समानार्थी
बेकसलाचारदीनमज़लूम
संबंधित शब्द
ग़ुर्बतग़रीबीसितम-दीदाअजनबी
