शब्दार्थ
ग़ैर-अज़-इश्क़
ghair-az-ishq
hiphrase
अर्थ
इश्क़ के सिवा; प्रेम के अलावा।
विस्तार
यह एक फ़ारसी सामासिक पद है जिसका अर्थ 'इश्क़ के सिवाय' या 'प्रेम के अतिरिक्त' होता है। इस शेर में इसका प्रयोग यह दर्शाने के लिए हुआ है कि बचपन में शिक्षक ने प्रेम के अलावा कुछ और नहीं सिखाया। यह इश्क़ की संपूर्णता और अनन्यता को प्रकट करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic ghayr (other than, non-) + Persian az (from, than) + Arabic 'ishq (passionate love).
प्रयोग
Commonly used in classical Persian and Urdu ghazal to emphasize the absolute and singular exclusivity of love over worldly learning or dogma.
उदाहरण
दिल में कुछ न समाया ग़ैर-अज़-इश्क़
हासिल-ए-ज़ीस्त न था कुछ ग़ैर-अज़-इश्क़
समानार्थी
सिवा-ए-इश्क़ब-जुज़-इश्क़
संबंधित शब्द
इश्क़ग़ैरइलावासिवा
