शब्दार्थ
गोया
goya
hiadverb
अर्थ
मानो, जैसे कि, यथा, समझो।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'गोया' का प्रयोग प्रायः 'मानो' या 'जैसे कि' के अर्थ में उपमा या समानता दर्शाने के लिए होता है। प्रस्तुत शे'र में ग़ालिब कहते हैं कि मोती से ख़ाली सीप मानो नैसाँ (स्वाति) के मेघ की विमुख आँख जैसी निष्फल है। यह शब्द किसी दृश्य या स्थिति की काव्यात्मक कल्पना प्रस्तुत करने के लिए प्रयुक्त हुआ है।
व्युत्पत्ति
Persian, present stem/participle of 'guftan' (to speak), literally meaning 'speaking' or 'saying', later evolving into an adverbial conjunction meaning 'as if'.
प्रयोग
Widely employed by Urdu poets as a quintessential poetic connector to seamlessly introduce rich metaphors and surreal comparisons.
उदाहरण
गोया ख़ामोशी में भी कोई पैग़ाम छुपा हो।
चेहरे पर उदासी थी गोया बहार रुख़सत हो गई।
समानार्थी
मानोजैसेमिस्ल
संबंधित शब्द
गोयाईगुफ़्तारगोया कि
