शब्दार्थ
ग़म-गुसार
gham-gusaar
अर्थ
दुख बाँटने वाला, हमदर्द या सांत्वना देने वाला मित्र।
विस्तार
यह शब्द 'ग़म' (दुख) और 'गुसार' (दूर करने या पीने वाला) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ सच्चा हमदर्द होता है। प्रस्तुत शे’र में आशिक़ गिला करता है कि उसके दोस्त नसीहत देने वाले 'नासेह' बन बैठे हैं, जबकि उसे उपदेश के बजाय दर्द बाँटने वाले ग़म-गुसार की ज़रूरत थी। यह शब्द उपदेशात्मक रुख के उलट सच्ची आत्मीयता और सहानूभूति का प्रतीक है।
व्युत्पत्ति
Persian compound composed of Arabic 'gham' (sorrow, grief) and the Persian agentive suffix 'gusaar' (from 'gusaardan', to disperse, remove, or drink).
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, the 'gham-gusaar' is frequently contrasted with the detached 'naaseh' (preacher), highlighting the poet's preference for genuine empathy over cold moral lecturing.
उदाहरण
कोई ग़म-गुसार न मिला इस भरे जहाँ में
वो मेरा ग़म-गुसार भी था और राज़दार भी
