शब्दार्थ
ग़म-कशाँ
gham-kashāñ
hinoun
अर्थ
दुख सहने वाले; ग़म उठाने वाले लोग।
विस्तार
यह 'ग़म-कश' का बहुवचन रूप है, जिसका अर्थ है दुख या रंज सहने वाले लोग। प्रस्तुत शेर में शायर व्यथा प्रकट करता हुआ पूछता है कि ग़म उठाने वाले इन खौलते हुए गर्म आँसुओं में कैसे स्नान कर लेते हैं, जहाँ आम इंसान उँगली भी नहीं डुबो सकता। यह शब्द पीड़ा की पराकाष्ठा झेलने वालों के लिए प्रयुक्त हुआ है।
व्युत्पत्ति
Persian compound: Arabic 'gham' (grief) + Persian root 'kash' (from kashīdan, to pull/bear) + Persian plural suffix '-āñ'.
प्रयोग
Commonly employed in classical ghazal to denote afflicted lovers who endure immense anguish without complaint.
उदाहरण
ग़म-कशाँ की शब-ए-फ़ुर्क़त कभी आसाँ न हुई
है यही रस्म-ए-वफ़ा बहर-ए-ग़म-कशाँ ऐ दिल
समानार्थी
मुसीबत-ज़दामातम-गुज़ारअंदोह-गींरंज-दीदा
संबंधित शब्द
ग़म-कशग़म-कशीदर्द-कशकशीदा
