शब्दार्थ
ग़म-कदा
ġham-kada
hinoun
अर्थ
दुःख का घर, शोक-स्थान या मातम-सराय।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'ग़म-कदा' दुःख, संताप और विरह से भरे आशियाने या हृदय को दर्शाता है। प्रस्तुत शे'र में यह आशिक़ के उजड़े हुए घर का प्रतीक है, जहाँ वीरानेपन की वजह से दर-ओ-दीवार पर सब्ज़ा उग आया है। यह ऐसे अस्तित्व की उदासी को व्यक्त करता है जहाँ बहार भी केवल बर्बादी का नया रूप बनकर आती है।
व्युत्पत्ति
Arabic 'gham' (grief, distress) + Persian '-kada' (house, chamber, place).
प्रयोग
Frequently used in classical ghazals as an evocative spatial metaphor for the desolate, wounded heart of the lover.
उदाहरण
इस ग़म-कदे में अब कोई चिराग़ नहीं जलता।
दिल को ग़म-कदा बनाकर वह दुनिया से बेख़बर हो गए।
समानार्थी
बैत-उल-हज़नमातम-सरायग़म-ख़ाना
संबंधित शब्द
ग़मकदाग़म-ख़ानामातम
