शब्दार्थ
ग़म-ए-हस्ती
Gham-e-Hasti
hinoun
अर्थ
अस्तित्व का दुख, जीने में निहित पीड़ा को व्यक्त करना।
विस्तार
'ग़म-ए-हस्ती' अस्तित्व के दर्द के साथ गहराई से गूंजता है। यह जीवन से संबंधित अस्तित्वात्मक संघर्षों और दुखों का प्रतिनिधित्व करता है। कविता में, यह अक्सर निराशा, हानि, और आत्म-चिंतन के विषयों को जगाता है, कवियों को अस्तित्व के भारी पहलुओं पर विचार करने की अनुमति देता है।
व्युत्पत्ति
From Arabic, where 'غم' (gham) means sorrow and 'ہستی' (hasti) denotes existence.
प्रयोग
Common in poetry to explore existential themes and human suffering.
उदाहरण
ग़म-ए-हस्ती में, दिल उदासी की बाहों में डूबता है।
ग़म-ए-हस्ती की कथाएँ परछाइयों में linger करती हैं, मेरी गज़ल बुनती हैं।
रात की खामोशी ग़म-ए-हस्ती की बातें करती है, भूली हुई।
समानार्थी
दुखपीड़ाविषाद
संबंधित शब्द
अतानगहनआत्मा
