शब्दार्थ
ग़ज़ल-ख़्वानी
ghazal-khwānī
hinoun, feminine
अर्थ
ग़ज़ल पढ़ने या गाने की कला अथवा क्रिया।
विस्तार
यह ग़ज़ल को सुर, लय और पारंपरिक सलीके से सुनाने या गाने के फन को दर्शाता है। प्रस्तुत शेर में यह ग़ज़ल कहने और सुनाने के काव्य-नियमों व रीतियों के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है, जहाँ शायर अपनी बेबाकी को भी महबूब की इनायत मानता है।
व्युत्पत्ति
Compound of Arabic 'ghazal' (amatory poem) and Persian 'khwānī' (from 'khwāndan', to recite, read, or sing).
प्रयोग
Commonly used in ghazals to reflect self-referentially on the craft, vocal aesthetics, and emotional etiquette of presenting poetry.
उदाहरण
महफ़िल में देर रात तक ग़ज़ल-ख़्वानी का सिलसिला चलता रहा।
उनकी दिलकश ग़ज़ल-ख़्वानी ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समानार्थी
ग़ज़ल-सरायीशे'र-ख़्वानीनग़्मा-सरायी
संबंधित शब्द
ग़ज़लग़ज़ल-ख़्वानख़्वानीआईन-ए-ग़ज़ल
