शब्दार्थ
ख़स्म
khasm
hinoun
अर्थ
शत्रु, विरोधी, प्रतिद्वंद्वी या क़ानूनी दावेदार।
विस्तार
शास्त्रीय अरबी और उर्दू में 'ख़स्म' का अर्थ मुद्दई, दावेदार या विरोधी होता है। इस शे'र में 'ख़स्म-ए-ख़ूँ-बहा' उस दावेदार या मुद्दई को दर्शाता है जो उपेक्षा के मारे हुए आशिक़ के ख़ून का हर्जाना मांग रहा है। यह शब्द क़ानूनी और मुक़द्दमेबाज़ी के रूपक को उभारता है।
व्युत्पत्ति
Arabic خصم (kh-s-m: to dispute, contend, quarrel).
प्रयोग
In classical poetry, 'khasm' primarily designates an enemy or a litigant claiming rights or revenge, distinct from its later colloquial meaning of 'husband'.
उदाहरण
ख़स्म-ए-जाँ के मुक़ाबले में ठहरना
ख़ूँ-बहा का ख़स्म बनकर दावा पेश करना
समानार्थी
दुश्मनहरीफ़अदूमुख़ालिफ़
संबंधित शब्द
ख़सूमतमुद्दईख़ूँ-बहाबाज़-ख़्वाह
