शब्दार्थ
ख़ुश-बाशी
Khush-bāshī
hinoun, feminine
अर्थ
आनंदमय जीवन, बेफ़िक्री या सुख-चैन।
विस्तार
ख़ुश-बाशी का तात्पर्य बेफ़िक्री, उल्लास और सुख-चैन से जीवन गुज़ारने की अवस्था से है। इस शे'र में मीर अपने पुराने समय की प्रसन्नता, तहारत और आत्मिक संतोष को याद कर रहे हैं, जो बाद में सांसारिक हालात के कारण छिन गया। यह शब्द गुज़रे हुए सुकून और मौजूदा लाचारी के फ़र्क़ को उजागर करता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'khush' (happy, pleasant) and 'bāshī' (dwelling, being; from the verbal root bāshīdan/būdan).
प्रयोग
In classical Urdu poetry, it usually portrays an idealized condition of carefree ease and epicurean freedom away from worldly strife.
उदाहरण
ख़ुश-बाशी के वो दिन अब ख़्वाब हो गए
हम को ख़ुश-बाशी ही रास आती थी
समानार्थी
फ़ारग़-उल-बालीऐश-ओ-इशरतख़ुश-हालीशाद-कामी
संबंधित शब्द
ख़ुश-बाशतंज़ियातक़द्दुसआसाइश
