शब्दार्थ

ख़ुश-ज़बानी

khush-zabānī

hinoun, feminine

अर्थ

मधुरभाषिता, वाक्पटुता या मीठी और सुरीली बोली।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'ख़ुश-ज़बानी' का अर्थ मधुर वचन, शिष्ट संभाषण और वाक्चातुर्य है। प्रस्तुत शेर में शायर बुलबुल को सोच-समझकर शे'री मुक़ाबला करने की ताकीद करता है, क्योंकि शायर की अपनी मधुरभाषिता और काव्य-कौशल की सर्वत्र धूम है। यह शब्द प्रायः शायर की अपनी भाषाई महारत अथवा महबूब की मीठी बातों की प्रशंसा में आता है।

व्युत्पत्ति

Persian compound composed of 'khwush' (good, pleasing) and 'zabān' (tongue, speech), with the abstract noun suffix '-ī'.

प्रयोग

In the Urdu ghazal, poets frequently invoke 'khush-zabani' either as a self-praising boast of their poetic eloquence or to depict the enchanting, melodious speech of the beloved.

उदाहरण

तेरी ख़ुश-ज़बानी का हर सम्त चर्चा है

अह्ल-ए-महफ़िल पे ख़ुश-ज़बानी का असर हुआ

समानार्थी

शीरीं-बयानीफ़साहतगोयाईवाक्पटुता

संबंधित शब्द

ख़ुश-बयानख़ुश-गोज़बानशीरीं-ज़बाँ
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